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आशा
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आशा ही जीवन का सुख है
आशा ही जीवन की मोती
आशा ही मन के बीजों को
एक नया-नया अकुंर देती
आशा ही मन को शान्त करे
आशा से ही सन्तोष मिले
और तभी हृदय के अकुंर से
नव-कोमल सा एक पुष्प खिले
आशा को त्याग दिया तुमने
तो जीवन का क्या अर्थ कहो
आशा को छोड़ निराशा को
अपने मन में तुम मत रखों
आशा ही वृक्ष का कोपल है
आशा ही एक मधुर सपना
बिना कर्म आशा ही नहीं,
मत जीवन व्यर्थ करो अपना
जब कर्म किया है और आशा है
तो निश्चय ही वो सफल होगी
आशा के विशाल भावों से
निराशा स्वंय विफल होगी
आशा ही सफल होने का भेद
यदि विफल हुए तो कर न खेद
आशा रख और आगे की सोच
और डाल ये अपने अश्रु पोंछ
बस एक बात में बड़ा बोध
यदि आशा है तो सबा कुछ है
यदि आस नहीं तो कुछ भी नहीं |
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