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| प्रकृति और मानव जीवन |
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देख ऊषा की इन लालिमा किरणों को
तू भी तो एक सूरज है दे ज्ञान सबको
देख इन हरे-भरे वृक्षों को
तू भी तो एक वृक्ष है हरियाली दे जीवन को
देख इन चहचहाती चिड़ियों को
तू भी तो एक चिड़िया है प्रसन्न रख मन को
देख इस प्रवाह युक्त सागर को
तू भी तो एक सागर है प्रवाहित कर जीवन को
देख इन विशाल स्थिर पर्वतों को
तू भी तो एक पर्वत है स्थिरता दे मन के
देख इस नीले विशाल अम्बर को
तू भी तो एक अम्बर है विशालता दे हृदय को
देख इस सौग्य शीतल चन्द्र को
तू भी तो एक चन्द्र है शीतलता दे सबको
देख इन टिमटिमाते तारों को
तू भी तो एक तारा है जगमगा जग को
देख इन कोमल विकसित पुष्पों को
तू भी तो एक पुष्प है महका जीवन को
देख ध्यान से तू इस सुन्दर प्रकृति को
अर्पित कर दे अपना मन तू इसको |
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