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| मेरा जीवन |
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जीवन में मेरे सब कुछ था
कुछ पुष्प भी थे कुछ काँटे भी
हमने जीवन के सुख-दुख को
कुछ हँस कर रो कर बाँटे भी
चलता था जीवन कुछ ऐसे
जैसे सागर में नौका हो
लगता थ कभी ऐसे जैसे
एक मन्द पवन का झोंका हो
दिन साथ बिताये जो हमने
लगता था मधुर संगीत था वो
जो साथ में मिल हमने गाया
एक सचमुच सुन्दर गीत था वो
न जाने कब बचपन बीता
और आगे बढ़ हम साथ चले
बस प्यारी यादें बचपन की
जब हम दोनो थे साथ पले
ये जीवन का एक खेल ही है
कुछ खोया हमने कुछ पाया
पाया तो बहुत, बस जो खोया
उसको खो कर फिर न पाया
पर जीवन का ये सत्य ही है
कुछ खोना है कुछ पाना है
कुछ भी करना है, बस हमको
इस सुख-दुःख को अपनाना है
फिर कुछ दिन में हम और बढ़े
फिर साथ चले फिर और बढ़े
फिर जीवन की कुछ रस्मों में
हम बंधते गये फिर और बंधे
क्या ये बन्धन था अरे नहीं
ये तो विश्वास था जीवन का
जीवन का वो सुख मिल ही गया
ये था संकल्प मेरे मन का
कुछ भय भी था विश्वास अधिक
सम्बन्धों को भी निभाना था
मन के जीते ही जीत थी तय
बस हमको यही बताना था
लेकिन इसमें बस मैं ही नही
कोई और भी था मेरे संग में
वो था मेरे इस अन्तर में
और मैं भी थी उसके मन में
बस ये विश्वास ही मेरे इस
अपने जीवन का सपना था
पर सपना जब सच्चाई बना
लगता सचमुच वो अपना था
वो है आधार इस जीवन का
मैं भी उसका आधार ही हुँ
चाहे सुख हो चाहे दुःख हो
मैं सदा-सदा तैयार ही हूँ
वो है मेरी प्रेरणा अधिक
मेरा सारा संसार है वो
जो दिन-प्रतिदिन बढ़ता रहता
कुछ ऐसा अपना प्यार है वो
मैं कुछ भी नहीं हुँ उसके बिना
वो मेरे बिना अधूरा है
हम दोनो का ये जीवन बस
एक दूजे से ही पूरा है
मेरे अन्दर की शक्ति है वो
वो साथ मे है तो सबकुछ है
उसके अन्तर की शक्ति हूँ मैं
ये रिश्ता अनोखा सचमुच है
ये प्रेम स्नेह विश्वास सदा
बस यूँ ही सदा बढ़ता जाये
अपने सौभाग्य का सूर्य सदा
बस दिन पर दिन चढता जाये
इतनी ईश्वर से विनतीं है
कि सिर पे सदा ये हाथ रहे
हम जब तक रहें बस यूँ ही सदा
एक दूजे का ही साथ रहे-2 |
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